| 🎬 फिल्म: | डोज़ |
| ⭐ स्टार कास्ट: | सिजू विल्सन, जगदीश, अश्विन कुमार, दृष्ट्या रघुनाथ, कृषा कुरुप |
| ✍️ लेखक: | अभिलाष आर. नायर |
| 🎬 निर्देशक: | अभिलाष आर. नायर |
| 🎭 शैली (Genre): | मिस्ट्री, सस्पेंस, थ्रिलर |
| ⏳ अवधि: | 2 घंटे 20 मिनट |
अगर आप हर बार एक जैसी Suspense Thriller देखकर बोर हो चुके हैं और कुछ अलग तलाश रहे हैं, तो DOS Review आपके लिए है। यह फिल्म एक अलग कॉन्सेप्ट यानी Medical Thriller पर आधारित है, जहां अस्पताल, डॉक्टर और लगातार हो रही रहस्यमयी मौतें कहानी को दिलचस्प बना देती हैं।
Amazon Prime पर रिलीज हुई यह Malayalam फिल्म हिंदी डबिंग में भी उपलब्ध है और शुरुआत से ही एक रहस्य खड़ा कर देती है।
DOS Review: Story
कहानी एक ऐसे अस्पताल से शुरू होती है जहां हर रात 2:47 बजे किसी न किसी मरीज की रहस्यमयी मौत हो जाती है।
अस्पताल का डॉक्टर अपने मरीजों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करता है, लेकिन इसके बावजूद हर रात वही घटना दोहराई जाती है। धीरे-धीरे उसे शक होने लगता है कि कोई जानबूझकर उसकी डॉक्टर वाली पहचान और करियर को बर्बाद करना चाहता है।
कहानी आगे बढ़ते ही अस्पताल के लगभग हर किरदार पर शक होने लगता है। डॉक्टर, उसकी पत्नी, नर्स और दूसरे डॉक्टर—हर कोई किसी न किसी रहस्य से जुड़ा नजर आता है।
फिल्म का पहला हिस्सा लगातार दर्शकों को उलझाए रखता है, जबकि दूसरे हिस्से में पुलिस की एंट्री के बाद एक-एक करके कई राज खुलने शुरू होते हैं।
🎬 DOS Official Trailer
Acting & Cast Performance
फिल्म में लगभग सभी चेहरे नए हैं। यही वजह है कि शुरुआत में किरदारों से जुड़ने में थोड़ा समय लगता है।
हालांकि कलाकार अपने किरदारों को ईमानदारी से निभाने की कोशिश करते हैं और कहानी को आगे बढ़ाने में उनका योगदान दिखाई देता है।
अगर इसी कहानी में कोई बड़ा स्टार होता, तो शायद इसका प्रभाव और ज्यादा महसूस होता। फिर भी नए कलाकार अपनी तरफ से ठीक-ठाक प्रदर्शन करते हैं।

Direction, Suspense & Medical Thriller Element
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका अलग विषय है। मेडिकल बैकग्राउंड पर बनी यह कहानी लगातार दर्शकों को शक और सस्पेंस के बीच रखती है।
क्लाइमेक्स तक पहुंचते-पहुंचते फिल्म में एक के बाद एक कई ट्विस्ट आते हैं, जो दर्शकों को लगातार सोचने पर मजबूर करते हैं।
हालांकि जहां फिल्म और बेहतर बन सकती थी, वह इसका मेडिकल एंगल है। अस्पताल और डॉक्टर से जुड़ी तकनीकी जानकारी और मेडिकल डिटेल्स का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता तो कहानी और ज्यादा वास्तविक महसूस होती।
DOS Review: क्या पसंद आया और क्या नहीं?
क्या पसंद आया
- मेडिकल थ्रिलर जैसा अलग कॉन्सेप्ट
- शुरुआत से बना रहने वाला सस्पेंस
- दूसरे हाफ में पुलिस जांच के साथ बढ़ती दिलचस्पी
- क्लाइमेक्स में लगातार आने वाले ट्विस्ट
- हिंदी डबिंग के साथ OTT पर उपलब्ध
- परिवार के साथ देखने लायक, कोई एडल्ट कंटेंट नहीं
क्या कमजोर लगा
- मेडिकल बैकग्राउंड का पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया
- नए कलाकार होने की वजह से शुरुआती कनेक्शन थोड़ा कमजोर लगता है
- कुछ दर्शक क्लाइमेक्स पहले ही अनुमान लगा सकते हैं
- फिल्म पूरी तरह मास्टरपीस वाली फील नहीं देती

Final Verdict | DOS Review
कुछ नया देखने का मन है, तो DOS एक बार जरूर देखी जा सकती है। इसका सबसे बड़ा आकर्षण इसका Medical Thriller कॉन्सेप्ट और क्लाइमेक्स तक लगातार आते ट्विस्ट हैं।
यह फिल्म हर किसी को मास्टरपीस नहीं लगेगी, लेकिन अगर आपको ट्विस्ट वाली कहानियां पसंद हैं तो OTT पर यह अच्छा टाइमपास साबित हो सकती है।
