| 🎬 फिल्म: | धमाल 4 |
| ⭐ स्टार कास्ट: | अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी, अंजलि आनंद |
| ✍️ लेखक: | वेद प्रकाश, परितोष पेंटर, बंटी राठौर |
| 🎬 निर्देशक: | इंद्र कुमार |
| 🎭 शैली (Genre): | एडवेंचर, कॉमेडी |
| ⏳ अवधि: | 2 घंटे 23 मिनट |
Dhamaal 4 Review का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह फिल्म पहली Dhamaal वाली यादें ताज़ा कर पाती है या सिर्फ उन्हीं यादों के सहारे चलने की कोशिश करती है? अगर आप Dhamaal 4 Movie Review, Dhamaal 4 Cast Performance और फिल्म का पूरा Verdict जानना चाहते हैं, तो यह रिव्यू आपके लिए है।
नोट्स के आधार पर देखा जाए तो फिल्म पूरी तरह No-Brainer Comedy बनने की कोशिश करती है, लेकिन जहां हंसी सबसे ज्यादा जरूरी थी, वहीं सबसे बड़ी कमी महसूस होती है।
Dhamaal 4 Review: Story
फिल्म का बेसिक कॉन्सेप्ट पहले पार्ट की तरह ही पैसा, लालच और खजाने की तलाश पर आधारित है। सभी किरदार एक बार फिर उसी पागलपन भरी दौड़ में शामिल होते हैं जहां हर कोई दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करता है।
इस बार कहानी में समुद्री लुटेरे, जहाज और खजाने का एंगल भी जोड़ा गया है। खजाने की तलाश के साथ कई किरदार अपनी-अपनी कहानी लेकर चलते हैं, लेकिन कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट या सरप्राइज देखने को नहीं मिलता।
सबसे बड़ी समस्या यही है कि अगर आपने फिल्म का ट्रेलर देख लिया है, तो लगभग पूरी कहानी पहले ही समझ में आ जाती है।
🎬 Dhamaal 4 Official Trailer
Comedy, Acting & Cast Performance
फिल्म में सभी कलाकारों को लगभग बराबर स्क्रीन टाइम दिया गया है और हर किरदार की अपनी अलग कहानी चलती है।
हालांकि कॉमेडी सबसे कमजोर हिस्सा बनकर सामने आती है। कई जोक्स बचकाने लगते हैं और कई बार हंसी से ज्यादा हैरानी होती है कि इन्हें कॉमिक सीन के तौर पर रखा गया है।
रितेश का भोजपुरी एक्सेंट ध्यान जरूर खींचता है। कुछ जगह यह गिल्टी प्लेजर जैसा महसूस होता है, लेकिन लगातार असर नहीं छोड़ पाता।
संजय मिश्रा का एक ही शब्द बार-बार दोहराया जाना भी ज्यादा देर तक मनोरंजन नहीं कर पाता।
फिल्म का सबसे मजेदार सीन वही माना जा सकता है, जिसे ट्रेलर में पहले ही दिखाया जा चुका है। उसके बाद लगभग पूरी फिल्म में कोई नया सरप्राइज नहीं मिलता।

Direction, VFX & Music
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरियों में इसकी कॉमेडी के साथ-साथ VFX भी शामिल हैं।
कई विजुअल्स नकली महसूस होते हैं और स्क्रीन पर उनका असर बिल्कुल स्वाभाविक नहीं लगता।
म्यूजिक भी ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ता। यहां तक कि एक लोकप्रिय धुन का हिंदी रूप इस्तेमाल किया गया है, जिससे मौलिकता की कमी महसूस होती है।
डायरेक्शन भी पुराने Dhamaal वाले जादू को वापस नहीं ला पाता। फिल्म कई बार सिर्फ पुरानी यादों के सहारे चलती हुई दिखाई देती है।
Dhamaal 4 Review: फिल्म की खूबियां और कमियां
खूबियां
- सभी कलाकारों को लगभग बराबर स्क्रीन टाइम
- ट्रेलर वाला पंचर सीन सबसे ज्यादा मनोरंजक
- रितेश का भोजपुरी एक्सेंट कुछ जगह गिल्टी प्लेजर जैसा लगता है
- एक अभिनेत्री का ईमानदार प्रयास अंत तक प्रभाव छोड़ता है
कमियां
- कॉमेडी उम्मीद के मुताबिक नहीं बन पाती
- कहानी में कोई नया ट्विस्ट या सरप्राइज नहीं
- कमजोर VFX
- कई डायलॉग बचकाने महसूस होते हैं
- ट्रेलर में ही लगभग पूरी फिल्म दिखा दी गई है
- क्लाइमेक्स में कॉमेडी की जगह इमोशनल ड्रामा हावी हो जाता है

Final Verdict | Dhamaal 4 Review
अगर आप Dhamaal फ्रेंचाइज़ की पुरानी फिल्मों जैसी कॉमेडी और मनोरंजन की उम्मीद लेकर थिएटर जा रहे हैं, तो यह फिल्म शायद आपकी उम्मीदों पर खरी न उतरे।
फिल्म पुरानी यादों को दोहराने की कोशिश तो करती है, लेकिन वही असर पैदा नहीं कर पाती। कमजोर कॉमेडी, फीकी कहानी और बिना किसी बड़े सरप्राइज के यह फिल्म अंत तक साधारण अनुभव देती है।
